Jansunwai Portal UP ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और स्टेटस चेक करें

उत्तर प्रदेश में नागरिकों की समस्याओं को तेजी से सुनने और हल करने के लिए जनसुनवाई पोर्टल शुरू किया है। यह एक ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनी शिकायत सीधे संबंधित सरकारी विभाग तक पहुँचा सकता है।

पहले जहाँ छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब Jansunwai UP पोर्टल ने प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य बना दिया है। इस लेख में हम जानेंगे कि जनसुनवाई पोर्टल क्या है, इसका उपयोग कैसे करें, शिकायत कैसे दर्ज करें और स्टेटस कैसे चेक करें।

जनशिकायत में कौन-कौन से मामले स्वीकार नहीं होते?

  • सूचना का अधिकार (RTI) से जुड़े मामले
  • जो केस पहले से कोर्ट में चल रहा हो
  • केवल सुझाव या राय देना
  • आर्थिक मदद या नौकरी दिलाने की मांग
  • सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर या सेवा से जुड़े मामले — जब तक उन्होंने अपने विभाग में उपलब्ध सभी विकल्प पहले इस्तेमाल न कर लिए हों

किन-किन विभागों में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं?

नगर निकम से सम्बंधितनगर पालिका से सम्बंधित
नगर पंचायत से सम्बंधितविकास प्राधिकरण
अवस्थापना एंव औद्योगिक विकास प्राधिकरणमेडिकल कॉलेज से सम्बंधित
अन्य विभाग

ऑनलाइन शिकायत फॉर्म कैसे भरें?

Jansunwai UP Portal

  • शिकायत दर्ज करने के लिये आपको लॉगिन करना होगा उसके लिये मोबाइल नंबर, Captcha, OTP दर्ज करके Submit करे
Jansunwai UP Login

  • ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण फॉर्म खुलने पर आवेदन कर्ता का विवरण, शिकायत किससे सम्बंधित है, आवेदन पत्र का विस्तृत विवरण यह सब जानकारी दर्ज करे।
Jansunwai Complaint Form

  • उसके बाद शिकायत क्षेत्र की जानकारी, आवासीय पता, सन्दर्भ का दस्तावेज एंव पुराने संदर्भो का विवरण यह सब जानकारी दर्ज करके आवेदन Submit करदे।

शिकायत नंबर से स्टेटस कैसे देखें

  • उत्तरप्रदेश में शिकायत स्टेटस चेक करने के लिये अधिकृत Complaint Tracker वेबपेज पर जाये बादमे शिकायत संख्या, मोबाइल नंबर और कॅप्टचा दर्ज करके Submit करे उसके बाद आपको आपकी शिकायत का स्टेटस पता चल जायेगा।
Jansunwai Complaint Status Check

जनसुनवाई UP पोर्टल नागरिकों के लिए एक उपयोगी और पारदर्शी ऑनलाइन शिकायत प्रणाली है, जो सरकारी विभागों तक आपकी समस्या को सीधे पहुँचाने का आसान माध्यम देता है।

इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है और शिकायत की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी किया जा सकता है। सही जानकारी और दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज करने पर समाधान मिलने की संभावना और तेज हो जाती है।

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